ये रहा यूपी में योगी सरकार के 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड, कितने नंबर देंगे आप? जरूर बताइए !

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भ्रष्टाचार रोकने के लिए उठाए कड़े कदम

सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी सरकार ने न सिर्फ भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए कड़े कदम उठाने का इरादा दिखाया, बल्कि नीतिगत बदलावों की घोषणा कर यह संदेश दिया कि सरकार न सिर्फ व्यवस्‍था सुधारना चाहती है बल्कि प्रक्रियात्मक सुधार करके भी लोगों की समस्याओं को कम करना चाहती है। उन्होंने शिक्षा और चिकित्सा सहित कई विभागों में ऑनलाइन स्‍थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करवाई तो कई विभागों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य करके बदलाव का संदेश भी दिया।

उद्योग, खनन व आबकारी पर नई नीति लाने की घोषणा कर नए तरीके से काम करने के इरादे जताए तो रिवर फ्रंट, उपसा, वक्फ संपत्तियों के घपलों और कर्नाटक के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की मौत की सीबीआई जांच का आदेश देकर यह भी संदेश देने की कोशिश की कि सरकार न तो भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने वाली है और न ही अपराध पर।

इन मामलों में भ्रष्टाचार की जांच के ‌दिए आदेश

नई सरकार ने अनाप-शनाप खर्च के लिए चर्चा में छाई रहने वाली परियोजनाओं की जांच कराकर भ्रष्टाचार पर अंकुश का ठोस संकेत किया। गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में सरकारी खजाने की बर्बादी से जुड़ी शिकायतों की पहले न्यायिक जांच, फिर सीबीआई जांच की सिफारिश की।

– पिछली सरकार में पालना गृह के निर्माण में घपले के मामले सामने आए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर ही सही, लेकिन सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी। पहले न्यायालय के निर्देश पर भी सिफारिश करने में काफी वक्त लगा दिया जाता था।

वे केंद्र से मिला पैसा ठुकरा रहे थे, इन्होंने मांग-मांग कर किया खर्च

केंद्र की मोदी सरकार ने अखिलेश यादव सरकार में 150 लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस देने का एलान किया था। पिछली सरकार ने नहीं लिया। योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही यह वैन ली। हर जिले को दो वैन मिलीं। इस वैन का महत्व इसलिए बहुत ज्यादा है क्योंकि इसमें कार्डियक सपोर्ट मॉनीटर व वेंटीलेटर लगे हुए हैं।

केंद्र से प्रदेश को केंद्रीय सड़क निधि से 250 से 350 करोड़ रुपये दे रही थी। पिछली सरकार ने लगातार दो साल इस निधि की एक पाई भी खर्च नहीं की। योगी सरकार ने पहुंचते ही इस ओर कदम बढ़ाया और इस निधि से 10 हजार करोड़ रुपये की सहायता हासिल की।

योगी ने सत्ता संभालने के बाद 5000 किमी. राज्य राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग में बदलने पर सहमति दी। इससे सड़कों के निर्माण की रफ्तार भी बढ़ी और राज्य का पैसा बचाने का भी रास्ता खुला।

किसानों पर फोकस दिखाने की कोशिश

सबसे अहम निर्णय किसानों की कर्जमाफी का लिया। इसके अलावा एक लाख टन मीट्रिक टन गेंहू खरीदने का निर्णय किया। पिछली सरकार से कई गुना अधिक गेंहू खरीद करने में सरकार सफल हुई है।

बेसिक स्कूलों में बड़े बदलाव पर काम
सरकार ने बेसिक स्कूलों में बच्चों के फर्जी नामांकन को खत्म करने की अहम पहल की है। बच्चों को आधार से जोड़ने का काम तेजी से आगे बढ़ाया है। इससे बड़े पैमाने पर बच्चों के बोगस नामांकन रद हुए हैं। इससे सरकार के संसाधनों की बचत होगी।

इसके अलावा बच्चों की ड्रेस भी बदलने का फैसला किया। हर बच्चे नए आकर्षण कलर में स्कूली ड्रेस तो मिलेंगे ही, जूते, मोजे, स्वेटर भी देने की योजना है।

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